इस पत्र के माध्यम से मै आपको एक ऐसे सापताहिक लुटेरे अख़बार के बारे में बताना चाहता हूँ जो की मात्र 7 माह में उत्तर परदेश के दो दर्जन जिलो से पाठको के कई लाख रुपये लेकर नदारद हो गया और आज उस अख़बार से जुड़े सैंकड़ो संबाददाता पाठको से मुह चुराते हुए पत्रकारिता छोड़ने को मजबूर हो गये है .जबकि लखनऊ में बैठकर उस अख़बार को चलाने वाले बरिष्ठ पत्रकारों ने लोगो को लुट कर अब दूसरी जगह नौकरिया कर ली है और कुछ लोगो ने तो अपना मोबाइल नंबर बदल दिया , रिपोर्टरों के फ़ोन करने पर अब उनका नंबर ही नही मिलता ,बता दे की वह अख़बार था मध्य परदेश के इंदौर १११ बांसी ट्रेड सेण्टर ऍम जी रोड से परकाशित चौथा मोर्चा साप्ताहिक अख़बार जो की उत्तर परदेश ,महाराष्ट्र .राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों से पर्कासित होने का दावा कर रहा था खूब परचार परसार किया गया अख़बार के संचालको ने लखनऊ में अख़बार की कमान हिंदुस्तान ,दैनिक जागरण जैसे अख़बार में अपनी कई साल तक सेवाए दे चुके एक वरिष्ठ पत्रकार नरेश दीक्षित को सौंपा जो की अब पायनिअर हिंदी में काम कर रहे है उन्होंने अपने पुराने संबंधो का उपयोग करते हुए बड़ी तेज़ी से पूरे उत्तर परदेश के सभी जिलो से जिला पर्तिनीधियो को जोड़ा इस शर्त के साथ की जिले पर काम करने वाले रिपोर्टर को कार्यालय खर्च के साथ 8000rs वेतन दिया जायेगा जबकि रिपोर्टर को अपने पूरे जनपद में अख़बार के कमसे कम 100 ग्रहक जो की वार्षिक होगा बनाना होगा उसके लिए संसथान ने सभी पत्रकारों को एक माह का समय दिया था लोगो ने वेतन की लालच में अपना लक्ष्य पूरा किया इतना ही नही संसथान ने लोगो को ब्लाक स्तर तक रिपोर्टर बनाने की भी बात कही और शर्त रखा की सभी ब्लाको में कमसे कम 50-50 मेम्बर बनाये जिसका भुगतान 150rs की दर से रिपोर्टर तुरंत करे बाद में वह मेम्बर बनाता रहेगा संसथान उसे परिचय पत्र और 2500rs माशिक वेतन देगा इतना ही नही हर माह 100 मेम्बर बनाने वाले रिपोर्टरों को 3000rs वेतन गिफ्ट जिसमे आचार पापड़ और अन्य खाने की चीजों के साथ पठाके भी होगे जो की संसथान के मालिक लोग खुद बनाते है .साथ ही सदस्यों को एक टेबल घडी दी जाएगी .लोगो ने संसथान के दबाब में आकर 100-100,50-50 मेम्बरों का धन अपने घर से लाकर अपने परचितो को अख़बार की सदस्यता दिलाकर जमा किया की आगे अख़बार चल जायेगा तो सब अच्छा हो जायेगा पर ऐसा हुआ नही संसथान ने लोगो की सदस्यता करवा कर अख़बार बंद कर दिया .जब रिपोर्टर लखनऊ ऑफिस बी ४९ तेजकुमार प्लाज़ा हजरतगंज में फ़ोन कर पूछते की अख़बार कब आएगा तो कहा जाता की अगले हफ्ते यह कर्म जून के अंतिम सप्ताह से सुरु हुआ और अगस्त तक चला उसके बाद किसी अधिकारी का मोबाइल भी नही मिला ,बता दे की मार्च में सुरु हुआ यह अख़बार जून यानि 4 माह में ही पाठको रिपोर्टरों के लाखो रूपये लेकर भाग गया अब हालत यह है की अपने क्षेत्रो में मेम्बर बनाकर संसथान की जेब भरने वाले पत्रकारों को पाठको के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है इतना ही नही जिला रिपोर्टरों को तो अपने द्वारा जोड़े गये तहसील रिपोर्टरों को अपने घर से 100-100 मेम्बरों के पैसे वापस करने पड़ रहे है जिससे लोग मुह छुपाने को मजबूर है जबकि संसथान अपना सटर गिरा कर गायब हो चुका है ..जबकि 4 माह तक मुफ्त में काम करवाने वाले चौथा मोर्चा ने अपने रिपोर्टरों को न ही वेतन दिया न ही कोई -कार्ड जिससे वो कह सके की उन्होंने उनके यंहा काम किया है
चौथा मोर्चा साप्ताहिक
सम्पादक -रवि गर्ग
१११,बांसी ट्रेड सेण्टर .ऍम जी रोड
Indaur मध्य परदेश
फ़ोन -०७३१-४२८०१०७,८,९,
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