
हासिम चाचा क्यूँ नही बता रहे है अयोध्या मसले का फार्मूला
अयोध्या राम जन्म भूमि के लिए कोर्ट द्वारा दिए गये फैश्ले को लेके पिछले ३० सितम्बर से पुरे देश के लोगो द्वारा अपने अपने विचार pais किये जा रहे है इन सब में जो सबसे जरुरी बात है ओ ए की बाबरी मस्जिद के पक्षकार हासिम अंसारी व हनुमानगढ़ी के महंथ ज्ञानदास की जुगल बंदी इन दोनों लोगो ने सुलह समझौते की बात की हवा बनाकर जो कुछ भी किया उसका पूरा देश स्वगत करता रहा और आज भी कर रहा है इनके इसी बात को लेकर अभी तक ग्रहमंत्री परधानमंत्री सभी सेकुलर समझे जाने वाले नेता यंहा तक की कई अभिनेता ने भी स्वागत किया बहुत अच्छा लगा की टीशर हिस्सा जो की अदालत ने मुसलमानों को दे दिया है और हिन्दू जिसके लिए दावे की बात कर रहे है सब कुछ ए दोनों संत मिलकर सुलझा लेंगे और सब कुछ अच्छा हो जायेगा इन दोनों लोगो की इस बात से एक उम्मीद जगी थी की शयद अब इस नाटक का यंही पटाक्षेप हो जायेगा पर आज तक कुछ नही हो पाया अलबत्ता अगर कुच्छ हुआ तो इसी भने रोज़ अखबारों में फोटो छापी खूब सम्मान हुआ आज भी हो रहा है पर इनसे फार्मूले की बात करो तो कुच्छ नही बताते न ही बाबा ज्ञानदास न ही हासिम चाचा कोई बात नही बत्यें भी क्यूँ अगर बता देंगे तो सची खुलने के बाद इतना सम्मान कान्हा मिलेगा क्यूंकि इन्हें भी पता है की न तो हिन्दू बाबा ज्ञानदास की बात मानने वाला है न ही मुसलमान हासिम चाचा की तो अच्छा यही होगा की पर्दा गिरा ही रहे
अयोध्या राम जन्म भूमि के लिए कोर्ट द्वारा दिए गये फैश्ले को लेके पिछले ३० सितम्बर से पुरे देश के लोगो द्वारा अपने अपने विचार pais किये जा रहे है इन सब में जो सबसे जरुरी बात है ओ ए की बाबरी मस्जिद के पक्षकार हासिम अंसारी व हनुमानगढ़ी के महंथ ज्ञानदास की जुगल बंदी इन दोनों लोगो ने सुलह समझौते की बात की हवा बनाकर जो कुछ भी किया उसका पूरा देश स्वगत करता रहा और आज भी कर रहा है इनके इसी बात को लेकर अभी तक ग्रहमंत्री परधानमंत्री सभी सेकुलर समझे जाने वाले नेता यंहा तक की कई अभिनेता ने भी स्वागत किया बहुत अच्छा लगा की टीशर हिस्सा जो की अदालत ने मुसलमानों को दे दिया है और हिन्दू जिसके लिए दावे की बात कर रहे है सब कुछ ए दोनों संत मिलकर सुलझा लेंगे और सब कुछ अच्छा हो जायेगा इन दोनों लोगो की इस बात से एक उम्मीद जगी थी की शयद अब इस नाटक का यंही पटाक्षेप हो जायेगा पर आज तक कुछ नही हो पाया अलबत्ता अगर कुच्छ हुआ तो इसी भने रोज़ अखबारों में फोटो छापी खूब सम्मान हुआ आज भी हो रहा है पर इनसे फार्मूले की बात करो तो कुच्छ नही बताते न ही बाबा ज्ञानदास न ही हासिम चाचा कोई बात नही बत्यें भी क्यूँ अगर बता देंगे तो सची खुलने के बाद इतना सम्मान कान्हा मिलेगा क्यूंकि इन्हें भी पता है की न तो हिन्दू बाबा ज्ञानदास की बात मानने वाला है न ही मुसलमान हासिम चाचा की तो अच्छा यही होगा की पर्दा गिरा ही रहे
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